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Milne Aaoge Na Khayalon Mein...
by Shashank Sharma
गुज़र कर यूँ इन गलियों से ख्यालों में,
और उलझाऔ ना सवालों मैं.
पढने वाले तो पढ़ लेते हैं,
दिल की सब दास्ताँ रुमालों में.
गर हकीकत मैं ना हुए हासिल,
मिलने आओगे ना ख्यालों में ??
कल सुबह ज़िन्दगी रहे ना रहे,
आज कुछ तो कह जाओ इशारों में...
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